मुगलों को धूल चटाने वाले वीर योद्धा – लचित बोरफ़ुकन

लचित बोरफुकन, जिन्हें ‘चाउ लासित फुकनलुंग’ नाम से भी जाना जाता है, 17वीं शताब्दी के एक महान और वीर योद्धा थे। उनकी वीरता के कारण ही उन्हें पूर्वोत्तर भारत का वीर ‘शिवाजी’ कहा जाता है। उन्होंने मुगलों के खिलाफ जो निर्णायक लड़ाई लड़ी थी, उसके लिए उन्हें आज भी याद …

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कार्तिक की कीर्ति कथा है आंवला नवमी

आंवला रसायन है और कल्प दृष्टा भी। उसके प्रति कायाकल्प जैसी रसायन सम्मत और आयुर्वेदिक मान्यता यूंही नहीं जुड़ गई। ऋषि च्यवन की कहानी में कितने सूत्र इस फल के गुण और उपयोग के हैं! आयुर्वेद की कहानियां हम कम ही सुनते सुनाते हैं। यह कार्तिक की कीर्ति कथा है। …

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मानवता के पुजारी छत्तीसगढ़ के संत गहिरा गुरु

संत गहिरा का जन्म छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले के उड़ीसा से लगे गहिरा गांव में सावन महीने की अमावस के दिन हुआ था, इनका मूल नाम रामेश्वर था , गुरू जी सनातन धर्म, जिसे सच्ची मानवता का धर्म कहा जाता है, के प्रवर्तक थे। गुरूजी ने छत्तीसगढ़ में जहाँ …

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सम्पूर्ण जगत का कर्ता सूर्य : छठ पूजा विशेष

मानव ने धरती पर जन्म लेकर सबसे पहले नभ में चमकते हुए गोले सूर्य को देखा। धीरे-धीरे उसने सूर्य के महत्व समझा और उसका उपासक हो गया। सूर्य ही ब्रह्माण्ड की धुरी है। जिसने अपने आकर्षण में सभी ग्रहों एवं उपग्रहों को बांध रखा है। इसका व्यवहार किसी परिवार के …

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अपनी धरती अपना राज का नारा देने वाले महान क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा

भारत के महान क्रांतिकारी हिंदू संस्कृति धर्म रक्षक बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को खूंटी जिले के अडकी प्रखंड के उलिहातु गाँव में हुआ था। उस समय ईसाई स्कूल में प्रवेश लेने के लिए इसाई धर्म अपनाना जरुरी हुआ करता था। तो बिरसा का धर्म परिवर्तन कर उनका …

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गोधन की आराधना का पर्व गोवर्धन पूजा

त्यौहारों का भारतीय लोकजीवन में अत्यधिक महत्व है, उत्सवधर्मिता जनमानस में कूट कूट कर भरी है। आज गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है। इस पर्व की अपनी मान्यता और …

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छत्तीसगढ़ का सुरहुति तिहार दीपावली

वर्ष भर की प्रतीक्षा उपरांत लो आ गई त्योहारों की रानी दीपावली। प्रकाश, पवित्रता, हर्षोल्लास और स्वच्छता का पर्व दीपावली जनमानस में उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। यह पर्व संपूर्ण भारत वर्ष के साथ ही विश्व के दूसरे भू भागों में भी मनाया जाता है जहां भारतवंशी रहते …

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जीवन की साधना के उत्सव हैं दीपोत्सव के पाँच दिन

भारत का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार दीपावली है। यह पाँच दिवसीय दीपों का उत्सव है। जो कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रियोदशी से आरंभ होकर कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया तक चलता है। पहले दिन धनतेरस, दूसरे दिन रूप चतुर्दशी, तीसरे दिन दीपावली, चौथे दिन गोवर्धन पूजन और पाँचवे दिन भाई दूज से इस …

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स्वदेशी और स्वाधीनता आँदोलन को गति देने वालों में अग्रणी विपिन चंद्र पाल

स्वतंत्रता आँदोलन के अग्रणी नेताओं में “लाल, बाल, पाल” के रूप “त्रिदेव” के नाम आते हैं जिन्होंने सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता और पूर्ण स्वदेशी का नारा लगाया था। विपिनचंद्र पाल इन “त्रिदेव” में से एक थे और अन्य दो लाला लाजपतराय एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक थे। इन्हीं त्रिदेव ने …

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ऐश्वर्य की महादेवी महानदी

मानव सभ्यता का उद्भव और संस्कृति का प्रारंभिक विकास नदी के किनारे ही हुआ है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में नदियों का विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति में ये जीवनदायिनी मां की तरह पूजनीय हैं। यहां सदियों से स्नान के समय पांच नदियों के नामों का उच्चारण तथा जल …

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