संस्कृतिदूत के रूप में हमसे जुड़े
‘दक्षिण कोसल टुडे’ भारतीय संस्कृति, लोक जीवन, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व जैसे विषयों में अभिलेखीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्य करता है, जिससे समाज में सांस्कृतिक चेतना का विकास हो। यदि आप इन विषयों में रुचि रखते हैं तो संस्कृति दूत (सांस्कृतिक पत्रकार) बनकर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। समय-समय पर हमारी ओर से कार्यशालाओं व संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाता है। नीचे दिए गए Register Link में अपना पंजीयन करें। चयनित प्रतिभागियों को आवश्यक प्रशिक्षण दी जाएगी। आइए, अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने मे अपनी भूमिका निभाए। संपादक: दक्षिण कोसल टुडे
कला और संस्कृति का एनसाइक्लोपीडिया
दक्षिण कोसल टुडे वेबपोर्टल के निर्माण उद्देश्य हमारी संस्कृति, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व, लोक जीवन आदि का अभिलेखीकरण, संरक्षण तथा इसके माध्यम से इतिहास के प्रति लोक चेतना जागृत करना है, जिससे आगामी पीढ़ी चैतन्य हो सके। उपरोक्त विषयों में शोधार्थियों का मार्गदर्शन हो एवं उनको सहयोग भी मिल सके। दक्षिण कोसल टुडे नामक इस प्रकल्प को संस्कृति, साहित्य, इतिहास, साहित्य, लोक जीवन के अभिलेखीकरण के माध्यम से संरक्षित एवं सर्वसुलभ बनाने के लिए प्रारंभ किया है। आप उपरोक्त भू-भाग एवं कालखंड के अनुसार अपने प्रमाणिक आलेख (संदर्भ सहित) हमें प्रकाशनार्थ भेज सकते हैं: