कहै कबीर मैं पूरा पाया भय राम परसाद : संत कबीर

संत परम्परा के अद्भुत संत सद्गुरू कबीर के जन्म के विषय में अनेक किंवदन्तियाँ प्रचलित हैं, परन्तु एक चर्चा सर्वमान्य कही जाती है कि काशी में लहरतारा- तालाब पर नीरू तथा नीमा नामक जुलाहा दम्पति को एक नवजात शिशु अनाथ रूप में प्राप्त हो गया। इन दोनों ने ही इस …

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आओ हे घनश्याम

प्राण-पखेरु उड़ जाने पर,क्या फिर दवा पिलाओगे ?तोड़ प्रेम के कोमल धागे,फिर क्या गाँठ लगाओगे ? आओ हे घनश्याम हमारे,पल-पल युग सा लगता है।तुम्ही बताओ अपनों को भी,कोई यूँ ही ठगता है। शरणागत हम टेर लगाते,फिर भी क्या ठुकराओगे ?प्राण-पखेरु उड़ जाने पर,क्या फिर दवा पिलाओगे ? प्यासी धरती ,प्यासा …

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वनवासी करते हैं दादर गायन : गंगा दशहरा

सरगुजा अंचल में गंगा दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि अंचल में सनातनी त्यौहार नागपंचमी से प्रारंभ होकर गंगा दशहरा तक मनाये जाते हैं। इस तरह गंगा दशहरा को वर्ष का अंतिम त्यौहार माना जाता है। इस त्यौहार को समाज की सभी जातियाँ एवं जनजातियाँ …

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मिशनरियों के विरुद्ध उलगुलान के नायक बिरसा मुंडा

इतिहास में ऐसे नायक बिरले ही होते हैं जो समाज उद्धार के लिए जन्म लेते हैं तथा समाज को अंधेरे से उजाले की ओर लेकर आते हुए तमसो मा गमय की सुक्ति को चरितार्थ करते हैं। अंग्रेजों के संरक्षण में ईसाईयों द्वारा मचाये गये धर्म परिवर्तन अंधेरे को दूर करने …

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तितली सुन्दरी छत्तीसगढ़ की ऑरेंज ऑकलीफ

सबसे सुंदर रंग-बिरंगी तितली कौन-सी है! सुन्दर तितली का चयन विश्व सुंदरी की तर्ज पर हुआ। तितली सुन्दरी प्रतियोगिता में ‘ऑरेंज ऑकलीफ’ ने बाजी मारी और उसका नाम भारत की राष्ट्रीय तितली में दर्ज हो गया। छत्तीसगढ़ के भोरमदेव अभ्यारण में पाई जाने वाली तितली को राष्ट्रीय तितली का खिताब …

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प्राचीन रेशम मार्ग और बौद्ध धर्म का प्रसार

भारतीय इतिहास में जब भी व्यापार के क्षेत्र की चर्चा होती है, तो उसमें रेशम मार्ग का उल्लेख मिलता है। आज से दो सहस्त्राब्दि पूर्व चीन के साथ जिस रास्ते व्यापार होता था वह रेशम मार्ग कहलाता है। यह मार्ग चीन एवं एशिया, यूरोप तथा अफ़्रीका के देशों के साथ …

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विदेशी यात्रियों की दृष्टि में छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की प्राचीनता और उसकी महत्ता के संदर्भ में अनेक प्रमाण उपलब्ध हैं। इसके बावजूद प्राचीन काल के संदर्भ में कोई उपयुक्त रुप से कालक्रमानुसार वृतांत नहीं मिला है जिससे क्रमबध्द प्रामाणिक इतिहास की पुनर्रचना की जा सके। इसके लिए एक अंश तक ही पौराणिक साहित्य पर निर्भर किया जाता …

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प्राचीन भारत में नौका परिवहन एवं नौका शास्त्र

भारत की महान संस्कृति को छुद्र दिखाने के लिए विघ्न संतोषियों ने ऐसे झूठ फ़ैलाये जो कि सभ्य समाज के गले से नीचे नहीं उतरते। इनके झूठों को आगे बढ़ाने का कार्य इनके कुशिष्यों ने किया। जो कि कॉपी पेस्ट के रुप में अभी तक चल रहा है। इसमें एक …

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कुल उद्धारिणी चित्रोत्पला गंगा महानदी

महानद्यामुपस्पृश्य तर्पयेत पितृदेवता:।अक्षयान प्राप्नुयाल्वोकान कुलं चेव समुध्दरेत्॥ (महाभारत, वनपर्व, तीर्थ यात्रा पर्व, अ-84)अर्थात महानदी में स्नान करके जो देवताओं और पितरों का तर्पण करता है, वह अक्षय लोकों को प्राप्त होता है, और अपने कुल का भी उध्दार करता है। महानदी का कोसल के लिए वही महत्व है जो भारत …

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मानव इतिहास एवं प्राचीन सभ्यता जानने का प्रमुख साधन संग्रहालय

संग्रहालय मनुष्य को अतीत की सैर कराता है, जैसे आप टाईम मशीन में प्रवेश कर हजारों साल पुरानी विरासत एवं सभ्यता का अवलोकन कर आते हैं। मानव इतिहास एवं प्राचीन सभ्यता जानने का संग्रहालय प्रमुख साधन है। इसलिए संग्रहालयों का निर्माण किया जाता है, इतिहास को संरक्षित किया जाता है। …

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