संवत् 2083 विक्रमी | श्रवण कृष्ण दशमी | रविवार
नक्षत्र: आर्द्रा | योग: व्यतिपात | करण: विष्टि
पर्व विशेष : | तदनुसार 06 सितंबर 2026
व्यवसाय : प्रबुद्ध आलोचक व्यंग्यकार कवि
पता : A २३३, ओल्ड मिनाल रेजिडेंसी भोपाल ४६२०२३
इस लेख में संस्कृत भाषा के संरक्षण और उसके ज्ञान को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने में अनुवाद की भूमिका पर चर्चा की गई है। इसमें प्रोफेसर चित्र भूषण श्रीवास्तव 'विदग्ध' के साहित्यिक अनुवाद कार्यों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है।
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भारतीय संस्कृति में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट और गोवर्धन पर्वत के सन्दर्भ में प्रकृति के साथ तालमेल की आवश्यकता पर एक तथ्यपूर्ण लेख।
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प्रस्तुत लेख वीरांगना रानी दुर्गावती के अद्वितीय शौर्य, स्वाभिमान और कुशल शासन का प्रेरक वर्णन करता है। इसमें उनके युद्ध कौशल, मुगल सेना के विरुद्ध प्रतिरोध, जल प्रबन्धन, सामाजिक समरसता और मातृभूमि की रक्षा हेतु दिए गए महान बलिदान को रेखांकित किया गया है। रानी दुर्गावती का जीवन भारतीय इतिहास…
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यह लेख राष्ट्रीय सीमाओं, पासपोर्ट-वीज़ा व्यवस्था, संकीर्ण राष्ट्रवाद और वैश्विकता के बीच फँसी मानवीय संवेदनाओं का गहन विश्लेषण करता है। लेखक बताता है कि तकनीक ने दुनिया को वैश्विक ग्राम तो बना दिया है, पर मानवता आज भी सीमाओं, भय, पहचान और कट्टरपन्थ की बेड़ियों में जकड़ी हुई है। लेख…
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मध्यप्रदेश के लोक पर्वों में संस्कृति, आस्था, प्रकृति, सामाजिक समरसता और लोक दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। गणगौर, कजरियां, मड़ई, भगोरिया, गोटमार और घोटुल जैसी परम्पराएँ जनजीवन की सामूहिक चेतना को व्यक्त करती हैं, जिन्हें आधुनिकता और शहरीकरण के दौर में संरक्षित करने की आवश्यकता है।
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धर्म और राजनीति, भारतीय इतिहास की दो अविरल धाराएँ हैं। जब धर्म नैतिक विधान बनकर शासन को मर्यादा देता है, तब राज्य लोककल्याण का साधन होता है। पर जब पंथ सत्ता का उपकरण बनता है, तब समाज का विश्वास टूटता है। वशिष्ठ से ब्लू स्टार तक, इस विमर्श को पढ़िए…
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