संवत् 2083 विक्रमी | भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी | शुक्रवार
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी | योग: ब्रह्मा | करण: शकुनि
पर्व विशेष : | तदनुसार 09 अक्टूबर 2026
व्यवसाय : शिक्षाविद्
पता : चेन्नई तमिलनाडु
ओणम केरल का प्रमुख लोक पर्व है। लोग इसे चिंगम (भाद्रपद या सावन) महीने में मनाते हैं। केरल के सभी लोग धर्म से ऊपर उठकर इसे उत्साह से मनाते हैं। प्राचीन काल में 8वीं और 9वीं शताब्दी के दौरान तमिलनाडु के लोग भी ओणम मनाते थे। समय के साथ वहां…
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गंगईकोंडा चोलपुरम केवल चोल स्थापत्य का वैभव नहीं, बल्कि वैदिक शिक्षा और ज्ञान परम्परा का महत्वपूर्ण केन्द्र भी था। यहाँ वेद, वेदांग, व्याकरण, दर्शन, तर्क, खगोल और कलाओं की शिक्षा मन्दिर आधारित संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से दी जाती थी।
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तमिलनाडु का उत्तरमेरूर मन्दिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय प्रशासन और शिक्षा का जीवन्त प्रमाण है। 10वीं शताब्दी में यह चोल साम्राज्य का मुख्य केन्द्र था, जहाँ आम नागरिकों को सुशासन, न्याय और चुनाव प्रक्रिया सिखाई जाती थी।
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प्रस्तुत लेख में विल्लुपुरम जिले के एन्नायिरम मन्दिर की विस्तृत पड़ताल की गई है। यह मन्दिर चोल काल में एक प्रमुख विश्वविद्यालय के रूप में विख्यात था। राजेन्द्र चोल प्रथम के संरक्षण में यहाँ ज्ञान और शोध की जो सुदीर्घ परम्परा विकसित हुई वह आज भी हमें विस्मित करती है।
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यह लेख चेन्नई स्थित तिरुवोट्टियूर के त्यागराजस्वामी मन्दिर की ऐतिहासिक और शैक्षिक भूमिका पर प्रकाश डालता है। चोल काल में यह मन्दिर केवल आस्था का केन्द्र नहीं, बल्कि ओट्रियूर मठ के माध्यम से संचालित एक जीवंत ज्ञान-पीठ था, जहाँ पाणिनीय व्याकरण, वैदिक दर्शन, मीमांसा, आयुर्वेद और शास्त्रार्थ की परम्परा को…
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कांचीपुरम का कैलाशनाथर मन्दिर केवल भगवान शिव की उपासना का पवित्र केन्द्र नहीं, अपितु प्राचीन भारत की ज्ञान परम्परा का भी महान प्रतीक है। पल्लव काल में यह मन्दिर शिक्षा, साधना और संस्कृति का ऐसा केन्द्र बना जहाँ देशभर से विद्यार्थी आकर तर्कशास्त्र, राजनीति, चिकित्सा, व्याकरण और वेद-वेदांगों का अध्ययन…
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तिरुपुल्लाणी स्थित ‘आदि जगन्नाथ पेरुमल मन्दिर’ भगवान श्रीराम के उस दुर्लभ क्रोधित स्वरूप का साक्षी है, जब उन्होंने समुद्र के अहंकार को चुनौती दी थी। यह लेख श्रीराम के प्रेम, संकल्प, शरणागति और करुणा के अद्भुत प्रसंगों को प्रस्तुत करता है, जिसमें रामसेतु निर्माण, विभीषण की शरणागति और ‘दर्भशयनम’ रूप…
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