संवत् 2083 विक्रमी | अश्विना शुक्ल सप्तमी | शनिवार
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा | योग: अतिगंड | करण: गर
पर्व विशेष : | तदनुसार 17 अक्टूबर 2026
व्यवसाय : लोकसंस्कृतिकार
पता : गाड़ासरई जिला ड़िंड़ौरी (म.प्र.)
यह लेख बैगा जनजाति के बच्चों के पारम्परिक खेलों और उनकी लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। डॉ. विजय चौरसिया ने गेंड़ी, कुकड़ा पाट और पुतरा पुतरी जैसे खेलों की विधियों, लोकगीतों तथा ग्रामीण जीवन से उनके सम्बन्ध का वर्णन किया है।
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डिण्डौरी जिले की बैगा जनजाति आज भी जड़ी बूटियों और तन्त्र मन्त्र के माध्यम से सर्पदंश का सफल उपचार करती है। इस लेख में जनजातीय समुदाय की प्राचीन चिकित्सा विधा, गुनिया की उपचार प्रक्रिया और स्थानीय मान्यताओं का विस्तृत विवरण पढ़ें।
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भारत में रामलीला की परम्परा लोकनाट्य, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम है। काशी, चित्रकूट और रामनगर की विविध रामलीलाएँ तुलसीदास की परम्परा, जनसहभागिता और रामकथा के व्यापक सांस्कृतिक प्रभाव को आज भी जीवित रखती हैं।
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गोंड एवं परधान जनजातियों में प्रचलित ‘रामायनी’ लोकगाथा रामकथा का एक अनूठा और आंचलिक स्वरूप प्रस्तुत करती है, जिसमें लक्ष्मण को प्रमुख नायक के रूप में उभारा गया है। यह कथा लोकजीवन, देशज विश्वासों तथा रामायण और महाभारत के प्रसंगों के अद्भुत समन्वय के माध्यम से सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती…
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1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रामगढ़ की रानी अवंती बाई लोधी के अद्भुत शौर्य, बलिदान और अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का प्रामाणिक ऐतिहासिक विवरण।
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