संवत् 2083 विक्रमी | चैत्र कृष्ण द्वादशी | मंगलवार
नक्षत्र: शतभिषा | योग: शुक्ल | करण: कौलव
पर्व विशेष : | तदनुसार 14 अप्रैल 2026
माता शबरी का जीवन असीम धैर्य, निष्कपट प्रेम और अनन्य भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जहाँ एक साधारण वनवासी स्त्री अपनी अटूट श्रद्धा के बल पर स्वयं भगवान श्रीराम को अपने आश्रम तक आने के लिए विवश कर देती है। यह लेख शबरी के वैराग्य, सेवा, प्रतीक्षा और नवधा भक्ति…
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