संवत् 2083 विक्रमी | ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी | रविवार
नक्षत्र: रोहिणी | योग: धृति | करण: शकुनि
पर्व विशेष : | तदनुसार 14 जून 2026
व्यवसाय : सहायक व्याख्याता, राजकीय महाविद्यालय
पता : तालेड़ा, बूंदी
भारतीय लोकजीवन में भगवान श्रीराम केवल आराध्य देव नहीं, बल्कि संस्कृति, नैतिकता और लोकआस्था के जीवंत प्रतीक हैं। यह लेख भजन, रामलीला और लोकगीतों के माध्यम से भारतीय समाज में रामकथा की अखंड परम्परा और श्रीराम के आदर्शों की शाश्वत उपस्थिति को अत्यन्त भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करता है।
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सिल्क मार्ग केवल व्यापार का पथ ही नहीं, वह सुरों, वाद्यों और संस्कृतियों का जीवंत संगम था। भारत, चीन, फ्रांस और मध्य एशिया में संगीत कैसे यात्राओं के साथ रूपांतरित हुआ, यह आलेख उसी साझा मानवीय रचनात्मकता और सांस्कृतिक संवाद की कथा खोलता है।
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