संवत् 2082 विक्रमी | चैत्र कृष्ण नवमी | गुरुवार
नक्षत्र: मूल | योग: सिद्धि | करण: तैतिल
पर्व विशेष : | तदनुसार 12 मार्च 2026
व्यवसाय : लेखक, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, श्री जानकीरमण महाविद्यालय एवं उपाध्यक्ष इतिहास संकलन समिति महाकौशल प्रांत
पता :
11 फरवरी हमें उस अग्निपुत्र का स्मरण कराता है, जिसने वनांचल से उठकर साम्राज्यवादी अन्याय को ललकारा। तिलका मांझी ने सिद्ध किया कि स्वाधीनता भिक्षा नहीं, साहस से अर्जित अधिकार है। उनका जीवन त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा का ज्वलंत मंत्र है।
Read More
भगवान बिरसा मुंडा ने न केवल अंग्रेज़ों के खिलाफ बल्कि ईसाई मिशनरियों और धर्मांतरण के षड्यंत्रों के विरुद्ध भी महान संघर्ष किया। उनका ‘उलगुलान’ सिर्फ विद्रोह नहीं, बल्कि भारतीय जनजातीय समाज की संस्कृति, स्वधर्म और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का पुकार था। आज उनका विचार और बलिदान भारत की एकता के…
Read More
संत कबीर न केवल भक्ति आंदोलन के प्रखर दीप थे, बल्कि उन्होंने अपने रामभक्त स्वभाव, निर्भीकता और सत्यनिष्ठा से सिकंदर लोदी जैसे कट्टर शासक को भी पराजित किया। राम को पूर्ण परमात्मा मानने वाले कबीर ने समाज की रूढ़ियों, धर्मांधता और अत्याचार का खुलकर विरोध किया, और अपने जीवन से…
Read More
त्रिपुर भैरवी, षष्ठम् महाविद्या, त्रिलोक की भयहरिणी और बंदीछोड़ माता हैं, जिनकी उपासना से सभी बंधन टूटते हैं। वाराणसी स्थित इनका मंदिर श्रद्धालुओं में सुख, समृद्धि और विद्या का वरदान देता है।
Read More
18 जून सन्, 1576 हल्दीघाटी के महान् युद्ध और हिंदुत्व की विजय स्मृति में सादर समर्पित -प्रामाणिक शोध
Read More
ऋग्वेद के देवी सूक्त में मां आदिशक्ति स्वयं कहती हैं, ' अहं राष्ट्री संगमनी वसूनां, अहं रूद्राय धनुरा तनोमि।' अर्थात् मैं ही राष्ट्र को बांधने और ऐश्वर्य देने वाली शक्ति हूँ, और मैं ही रुद्र के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाती हूं। हमारे तत्वदर्शी ऋषि मनीषा का उपरोक्त प्रतिपादन वस्तुतः स्त्री…
Read More