आज का पंचांग

संवत् 2083 विक्रमी | आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी | सोमवार

नक्षत्र: पुनर्वसु | योग: वज्र | करण: गर

पर्व विशेष : | तदनुसार 10 अगस्त 2026

आज का पंचांग

संवत् 2083 विक्रमी | आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी | सोमवार

नक्षत्र: पुनर्वसु | योग: वज्र | करण: गर

पर्व विशेष : | तदनुसार 10 अगस्त 2026

ज्ञान भारतम् अभियान: प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने का संकल्प

यह लेख भारत की प्राचीन पांडुलिपि परंपरा की ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करता है। इसमें पांडुलिपियों की उत्पत्ति, विविध स्वरूप, ज्ञान-विज्ञान में उनकी भूमिका तथा उनके संरक्षण हेतु ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के महत्व का विशद विवेचन प्रस्तुत किया गया है, जो भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ बनाने…

दक्षिण कोसल की वैज्ञानिक प्रेरणा और रसतत्त्व के महान् ऋषि - आचार्य नागार्जुन

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर हम दक्षिण कोसल की धरती से जुड़े महान वैज्ञानिक आचार्य नागार्जुन को याद करते हैं। पारद विज्ञान, धातुशास्त्र और आयुर्वेद में उनके अद्भुत योगदान ने भारतीय विज्ञान को एक नई पहचान दी। उनका जीवन आज के युवाओं को अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित करता है।

डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर : जीवन कार्य

(14 अप्रेल, जयन्ती पर विशेष)

दलितों के मसीहा, संविधान निर्माता, बाबा साहब आदि अनेकों विशेषणों से सम्बोधित किए जानेवाले डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के महू में 14 अप्रैल, 1891 को हुआ। भीमराव, रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की चौदहवीं संतान थे। वे हिन्दू महार जाति से…

कब होगा मूल्यांकन अर्थशास्त्री डॉ. आम्बेडकर का?

आर्थिक जगत में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान को हमेशा कमतर आंका गया है। डॉ. अम्बेडकर का कद इतना बड़ा था कि उसका आकलन छोटी बात नहीं है। आमतौर पर जन-जन में उनकी छवि संविधान निर्माता और युगांतरकारी नेता के रूप में ही प्रमुखता से रही है। अर्थ जगत में…