आज का पंचांग

संवत् 2083 विक्रमी | चैत्र कृष्ण चतुर्दशी | गुरुवार

नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद | योग: इंद्र | करण: विष्टि

पर्व विशेष : | तदनुसार 16 अप्रैल 2026

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संवत् 2083 विक्रमी | चैत्र कृष्ण चतुर्दशी | गुरुवार

नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद | योग: इंद्र | करण: विष्टि

पर्व विशेष : | तदनुसार 16 अप्रैल 2026

धर्म और राजनीति

धर्म और राजनीति, भारतीय इतिहास की दो अविरल धाराएँ हैं। जब धर्म नैतिक विधान बनकर शासन को मर्यादा देता है, तब राज्य लोककल्याण का साधन होता है। पर जब पंथ सत्ता का उपकरण बनता है, तब समाज का विश्वास टूटता है। वशिष्ठ से ब्लू स्टार तक, इस विमर्श को पढ़िए…

प्रजातंत्र की अवधारणा- भारत के इतिहास की नजर से

यह लेख भारत में लोकतंत्र और गणतंत्र की अवधारणा के ऐतिहासिक विकास को सरल और तथ्यात्मक रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें पश्चिमी लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ-साथ वैदिक काल, गणराज्यों, पंचायत व्यवस्था और ग्राम स्वराज की भारतीय परंपरा का विश्लेषण किया गया है। लेख यह स्पष्ट करता है कि जनभागीदारी…

झाँसी जनपद का इतिहास

झाँसी जनपद उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी छोर पर स्थित है, जिसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है। इसका प्राचीन नाम बलवंतनगर था और यह नगर ओरछा नरेश राजा वीरसिंह देव द्वारा स्थापित किया गया था। झाँसी प्रागैतिहासिक काल से मानव निवास का क्षेत्र रहा है, जहाँ पाषाणयुगीन उपकरण, ताम्रपाषाणकालीन अवशेष…

डॉ. आम्बेडकर का राष्ट्रवाद

भारतीय संविधान के निर्माता कहे जाने वाले डॉ. भीमराव आम्बेडकर के बारे में बहुत सी भ्रातियां हैं। जैसे वह सवर्ण हिन्दुओं के विरोधी थे, वह मात्र अनुसूचित जातियों के बारे में सोचते थे और उनकी ही चिंता करते थे। पर सच्चाई इससे कोसो दूर है।

असलियत यह है कि उन्होंने…

गांधी युग के महान राजनीतिज्ञ लोकनायक

29 अगस्त 1880 : सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माधवहरि अणे जन्म दिवस

माधव श्रीहरि अणे में बिना लाग लपेट के अपना अभिमत प्रकट करने का उनमें अनुपम साहस था। जनता श्रद्धा से उन्हें लोकनायक के नाम से संबोधित करती थी। जैसे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक वैसे ही उनके प्रधान शिष्य…

महा मानव महात्मा गाँधी और छत्तीसगढ़ : पुण्यतिथि विशेष

महात्मा गांधी विश्व के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उन्होंने देश के ऐतिहासिक स्वतंत्रता संग्राम को सामाजिक जागरण के अपने रचनात्मक अभियान से भी जोड़ा, जिसमें शराबबन्दी ,अस्पृश्यता निवारण, सर्व धर्म समभाव, सार्वजनिक और व्यक्तिगत स्वच्छता, खादी और ग्रामोद्योग, ग्राम स्वराज, ग्राम स्वावलम्बन, पंचायती राज और बुनियादी शिक्षा जैसे कई…

ह्रदय से अत्यंत ही भावुक लेकिन तेजस्वी नेता थे अटल बिहारी वाजपेयी : अशोक बजाज

भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है. हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं. पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं. कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है. यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है, यह तर्पण

व्यक्ति स्वतंत्रता एवं व्यक्ति विकास के पक्षधर दलितों के मसीहा : डॉ बाबा साहेब आम्बेडकर

स्वतंत्रता पूर्व के कालखंड में महात्मा गांधी एवं डॉ बाबा साहेब अम्बेडकर का प्रभावशाली व्यक्तित्व राजनीतिक शक्तियों तथा समाज सुधार का प्रतिबिंब था। दोनों ही नेतृत्व उच्च शिक्षित एवं अपनी राजनैतिक सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ समाज के दलितो एवं वंचितों के सर्वांगीण विकास एवं उन्नति के लिए जीवनपर्यंत संघर्षरत रहे…