संवत् 2083 विक्रमी | अश्विना शुक्ल सप्तमी | शनिवार
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा | योग: अतिगंड | करण: गर
पर्व विशेष : | तदनुसार 17 अक्टूबर 2026
प्रकृति ने बस्तर में जी भर कर अपना सौंदर्य लुटाया है, अद्वितीय प्राकृतिक खुबसूरती ने बस्तर को पर्यटकों का लाडला बनाया है। यहाँ की हरी-भरी वादियाँ, गगनचुम्बी चोटियाँ, खूबसूरत झरने किसी भी व्यक्ति का मनमोह लेते हैं। बस्तर…
छत्तीसगढ के रायपुर जिले के अभनपुर ब्लॉक के ग्राम चांपाझर में पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मभूमि स्थित है। देश-विदेश से बहुतायत में तीर्थ यात्री दर्शनार्थ आते है पुण्य लाभ प्राप्त करने। कहते हैं कि कभी इस क्षेत्र में चम्पावन होने के कारण इसका नाम चांपाझर पड़ा। कालांतर में…
छत्तीसगढ अंचल में जैन धर्मावलंबियों का निवास प्राचीन काल से ही रहा है। अनेक स्थानों पर जैन मंदिर एवं उत्खनन में तीर्थंकरों की प्रतिमाएं प्राप्त होती हैं। सरगुजा के रामगढ़ की गुफ़ा जोगीमाड़ा के भित्ति चित्रों से लेकर बस्तर तक इनकी उपस्थिति दर्ज होती है।
चित्र में दिखाया गया मंदिर रायपुर…
राजधानी रायपुर से कटघोरा होते हुए 230 किलोमीटर की दूरी पर मड़ई गांव से 5 किलोमीटर की दूरी पर हसदेव बांगो बांध के डुबान क्षेत्र में विकसित पर्यटन केन्द्र बुका में नौका विहार का मजा ले सकते हैं।
वन विभाग ने यहां पर्यटकों के लिए काटेज का निर्माण कराया है…
वन्य पर्यटको एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए छत्तीसगढ़ स्वर्ग से कम नहीं है। राज्य का लगभग 44 फ़ीसदी भू-भाग वनों से अच्छादित है। यहाँ विभिन्न तरह की वन सम्पदा के साथ जैविक विविधता भी दिखाई देती है।
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किंग फ़िशर, मछरखवा, किलकिला[/caption]
यहाँ भरपूर वन संपदा एवं…