आज का पंचांग

संवत् 2083 विक्रमी | अश्विना शुक्ल सप्तमी | शनिवार

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा | योग: अतिगंड | करण: गर

पर्व विशेष : | तदनुसार 17 अक्टूबर 2026

आज का पंचांग

संवत् 2083 विक्रमी | अश्विना शुक्ल सप्तमी | शनिवार

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा | योग: अतिगंड | करण: गर

पर्व विशेष : | तदनुसार 17 अक्टूबर 2026

ऐसा स्थान जहाँ पितर देवता भी आम के स्वाद से वंचित नहीं रहते

आम के साथ बचपन के दिन भी जुड़े हैं, जब स्कूल से भागकर टिकोरों के चक्कर में मीलों दूर तक की धरती नाप आते थे। ऐसे ही हमारे देश का राष्ट्रीय फ़ल आम को नहीं बनाया गया है। इसमें गुण भरे पड़े हैं, पर आयुर्वेद की दृष्टि से अवगुण भी…

भ्रमर प्रत्यंचा पर धरे जब पलाश के वाण

वसंत का मौसम हो तथा पलाश की चर्चा न हो, ये नहीं हो सकता। यह समय छत्तीसगढ़ में बस्तर से लेकर सरगुजा तक के वनों में पलाश के फ़ूलने का होता है, ऐसे लगता है कि जंगल में आग लगी हो, जंगल में आग जब चहूँ दिसि लगी हो तो…

ऐसा भव्य जलप्रपात जिसके सामने बाहूबली भी लगता है बौना

प्रकृति ने बस्तर में जी भर कर अपना सौंदर्य लुटाया है, अद्वितीय प्राकृतिक खुबसूरती ने बस्तर को पर्यटकों का लाडला बनाया है। यहाँ की हरी-भरी वादियाँ, गगनचुम्बी चोटियाँ, खूबसूरत झरने किसी भी व्यक्ति का मनमोह लेते हैं। बस्तर…

छत्तीसगढ़ का मॉरिशस जहाँ आप जरुर जाना चाहेंगे

राजधानी रायपुर से कटघोरा होते हुए 230 किलोमीटर की दूरी पर मड़ई गांव से 5 किलोमीटर की दूरी पर हसदेव बांगो बांध के डुबान क्षेत्र में विकसित पर्यटन केन्द्र बुका में नौका विहार का मजा ले सकते हैं। वन विभाग ने यहां पर्यटकों के लिए काटेज का निर्माण कराया है…

जानिये छत्तीसगढ़ के वन अभयारण्यों एवं उद्यानों को

वन्य पर्यटको एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए छत्तीसगढ़ स्वर्ग से कम नहीं है। राज्य का लगभग 44 फ़ीसदी भू-भाग वनों से अच्छादित है। यहाँ विभिन्न तरह की वन सम्पदा के साथ जैविक विविधता भी दिखाई देती है। [caption id="attachment_423" align="aligncenter" width="700"] किंग फ़िशर, मछरखवा, किलकिला[/caption] यहाँ भरपूर वन संपदा एवं…