संवत् 2083 विक्रमी | आषाढ़ शुक्ल पंचमी | शनिवार
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी | योग: वरीयान | करण: बव
पर्व विशेष : | तदनुसार 18 जुलाई 2026
कवि भूषण – वीर रस के शिरोमणि, शौर्य, साहस, देशभक्ति और बलिदान की प्रेरक हिंदी कविताओं के रचयिता। उन्होंने लगभग 17वीं शताब्दी (छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल) में उनके पराक्रम, धर्मोद्धार और हिंदवी स्वराज की स्थापना पर ओजपूर्ण कविताएँ रचीं, जो राष्ट्रीय गर्व जगाती हैं। शिवा जी पर उनकी लिखी…
गौ माता की छवि निराली, महिमा अपरंपार माँ कहलाती है, देती है माँ के जैसा प्यार गाय प्रतिष्ठा है भारत की, क़ीमत है अनमोल मन आल्हादित हो जाता है,
साहित्य समाज का पहरुआ होता है। चाहे वह गीत, कविता, कहानी, निबंध, नाटक या किसी अन्य साहित्यिक विधा में क्यों न हो। वह तो युगबोध का प्रतीक होता है। कवि वर्तमान को गाता है लेकिन वह भविष्य का दृष्टा होता है। साहित्य जो भी कहता है निरपेक्ष भाव से कहता…
भिखारी छंद में एक भिखारी की याचना
कैसा कलयुग आया, घड़ा पाप का भरता।
धर्म मर्म बिन समझे, मानुष लड़ता मरता।।
लगता भगवन तेरी, माया ने भरमाया।
नासमझों ने तेरे , रूपों को ठुकराया।।
कल तक वे करते थे, हे प्रभु पूजा तेरी।
सहसा कुछ लोगों ने, झट इनकी मति…