संवत् 2082 विक्रमी | चैत्र कृष्ण अष्टमी | बुधवार
नक्षत्र: ज्येष्ठा | योग: वज्र | करण: बालव
पर्व विशेष : | तदनुसार 11 मार्च 2026
गोत्र प्रणाली मानव जाति के इतिहास, वंश परंपरा और सामाजिक पहचान को सहेजने वाली प्राचीन भारतीय व्यवस्था है। यह न केवल पीढ़ियों को जोड़ती है, बल्कि सांस्कृतिक और जैविक विरासत की भी रक्षा करती है।
जो समाज अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी नहीं रखता, अपने पुरखों की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण न कर उन्हें भूल जाता है ,वहां समाजीकरण में अत्यंत वीभत्स दृश्य पैदा होते है और अंततः विप्लप या आतंक का कारण बनते है। प्राचीन भारतीय मनीषी इस मनोवैज्ञानिक सत्य से भलीभांति परिचित थे…