आज का पंचांग

संवत् 2083 विक्रमी | श्रवण कृष्ण दशमी | रविवार

नक्षत्र: आर्द्रा | योग: व्यतिपात | करण: विष्टि

पर्व विशेष : | तदनुसार 06 सितंबर 2026

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पर्व विशेष : | तदनुसार 06 सितंबर 2026

कैसा कलयुग आया

कैसा  कलयुग  आया

भिखारी छंद में एक भिखारी की याचना

कैसा कलयुग आया, घड़ा पाप का भरता।
धर्म मर्म बिन समझे, मानुष लड़ता मरता।।
लगता भगवन तेरी, माया ने भरमाया।
नासमझों ने तेरे , रूपों को ठुकराया।।

कल तक वे करते थे, हे प्रभु पूजा तेरी।
सहसा कुछ लोगों ने, झट इनकी मति फेरी।।
राजनीति के जाले, बुन फँसवाए इनको।
सर्व व्याप्त है ईश्वर, ज्ञात नहींं यह किनको।।

सबकी भारत माता, पर कपूत हम तेरे।
क्यों कुबुद्धि बढ़ चढ़ कर, हमको रहती घेरे।।
तेरी रक्षा खातिर, अपने प्राण गँवाए।
बलिदानी वीरों ने, वंदेमातरम् गाए।।

छवि अखंड भारत की, खंड खंड मत करना।
सबके मन में भगवन, भाव यही तुम भरना।।
लक्ष्य मात्र यह मत हो, सिंहासन हथियाना।
मुकुट विश्व गुरु का तुम, माँ के शीश चढ़ाना।।

सप्ताह के कवि

सूर्यकान्त गुप्ता, 'कांत' सिंधिया नगर दुर्ग(छ.ग.)

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