स्वाभिमान के अनन्य शिखर: महाराणा प्रताप
June 17, 2026
संवत् 2083 विक्रमी | श्रवण शुक्ल चतुर्थी | रविवार
नक्षत्र: हस्त | योग: साध्य | करण: विष्टि
पर्व विशेष : | तदनुसार 16 अगस्त 2026

भाषा का लेकर चंदन, आओ कर लें अभिनंदन
की गर्व से हिन्दी बोलें, चलो हिन्दी के हो लें
संपूर्ण विश्व में एकमात्र भारत ही ऐसा देश है जो न केवल भौगोलिक क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से विशाल है अपितु हमें तो इस बात का भी गर्व है कि हमारे देश में लगभग 1652 विकसित एवं समृद्ध बोलियाँ प्रचलित हैं। इन बोलियों का प्रयोग करने वाले विभिन्न समुदाय अपनी-अपनी बोली को महत्त्वपूर्ण मानने के साथ-साथ उसे बोली के स्थान पर भाषा कह कर पुकारते हैं और उनमें से कुछ बोलियाँ ऐसी हैं भी जिनमें वे सभी गुण विद्यमान हैं जो किसी भी समर्थ भाषा में होने चाहिये।
ऐसे विराट और समृद्धशाली राष्ट्र में स्वाधीनता आंदोलन के काल में सम्पूर्ण देश के लिए संपर्क भाषा का चयन करना अत्यंत ही चुनौतीपूर्ण कार्य था। यह देश अपनी दासता की जंजीरों को तोड़ फेंकने के लिए तो संगठित था परन्तु एक संपर्क भाषा की अनिवार्यता अनुभव करते हुए भी इस प्रश्न पर सहमति नहीं हो पा रही थी कि विभिन्न प्रादेशिक भाषाओ में से किसे सम्पूर्ण देश के लिए संपर्क भाषा के रूप में प्रयुक्त किया जाए।
गहन विचार-विमर्श करने के उपरान्त स्वतन्त्रता संग्राम में जुटे हुए लगभग सभी प्रमुख नेता, राजनीतिज्ञ, क्रांतिकारी, साधु-संत और विद्वतजन इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि हिन्दी ही वह भाषा है जो सभी को एक सूत्र में पिरोने का सामर्थ्य रखती है, यही भाषा सेतु बनकर भावनात्मक स्तर पर सम्पूर्ण देश को एक करेगी। सबसे महत्त्वपूर्ण बात जो उन्हें लगी वह यह थी कि हिन्दी की अपनी स्वतंत्र लिपि है - देवनागरी लिपि - जो श्रेष्ठ वैज्ञानिक लिपि है और अपनी विशेषताओं के कारण सर्वगुण नागरी है।
विश्व पटल पर हिन्दी :
यह सर्वविदित है की विश्व की समस्त भाषाओं की जननी संस्कृत ही है परन्तु इस देवभाषा का यदि कोई उत्तराधिकारी है तो वह हिन्दी ही है। अपनों के ही द्वारा दीन-हीन कहलाते हुए, अपमान का दंश झेलते हुए भी हिन्दी पूर्ण विश्वास से आगे बढ़ती चली गई और आज स्थिति यह है की यह भाषा वैश्विक स्तर पर प्रसिद्धि प्राप्त कर चुकी है। विश्वभर में हिन्दी का वर्चस्व तेजी से बढ़ता जा रहा है। आज वह विश्व के सभी महाद्वीपों तथा महत्त्वपूर्ण राष्ट्रों- जिनकी संख्या लगभग एक सौ चालीस है- में किसी न किसी रूप में प्रयुक्त होती है।
वर्तमान में वह बोलने वालों की संख्या के आधार पर चीनी के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी भाषा बन गई है। इस बात को सर्वप्रथम सन 1999 में "मशीन ट्रांसलेशन समिट' अर्थात् यांत्रिक अनुवाद नामक संगोष्ठी में टोकियो विश्वविद्यालय के प्रो. होजुमि तनाका ने भाषाई आकड़ें पेश करके सिद्ध किया है। उनके द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार विश्वभर में चीनी भाषा बोलने वालों का स्थान प्रथम और हिन्दी का द्वितीय है। अंग्रेजी तो तीसरे क्रमांक पर पहुँच गई है।
इसी क्रम में कुछ ऐसे विद्वान अनुसंधित्सु भी सक्रिय हैं जो हिंदी को चीनी के ऊपर अर्थात् प्रथम क्रमांक पर दिखाने के लिए प्रयत्नशील हैं। डॉ. जयन्ती प्रसाद नौटियाल ने भाषा शोध अध्ययन 2005 के हवाले से लिखा है कि, विश्व में हिंदी जानने वालों की संख्या एक अरब दो करोड़ पच्चीस लाख दस हजार तीन सौ बावन (1,02,25,10,352) है जबकि चीनी बोलने वालों की संख्या केवल नब्बे करोड़ चार लाख छह हजार छह सौ चौदह (90,04,06,614) है। यदि यह मान भी लिया जाय कि आंकड़े झूठ बोलते हैं और उन पर आँख मूँदकर विश्वास नहीं किया जा सकता तो भी इतनी सच्चाई निर्विवाद है कि हिंदी बोलने वालों की संख्या के आधार पर विश्व की दो सबसे बड़ी भाषाओं में से है।
इक्कीसवीं सदी की भाषा :
इस उत्तर आधुनिक काल में एक ओर जापान जैसे महान राष्ट्र की साठ प्रतिशत से अधिक आबादी लगभग साठ वर्ष को छूते हुए बुढ़ापे की ओर बढ़ गई है वहीं आज से लगभग 15 सालों के अंतर्गत अमेरिका और यूरोप का भी कुछ यही हाल होने वाला है। ऐसे में, विशाल जनसंख्या वाला भारत एक युवा राष्ट्र है, जिसे हम अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मान सकते हैं। हमारे अलावा चीन भी अभी युवा और भारी जनसंख्या वाला देश है और यह बात आने वाले समय में दोनों ही देशों को लाभान्वित करेगी, जिसका कुछ हद तक परिणाम भी अब देखने को मिल रहा है। यह दौर विश्व भर में भारत के साथ-साथ हिन्दी के भी भाग्योदय का दौर है।
हमारे देश में 1980 के बाद चौसंठ करोड़ से ज्यादा बच्चे पैदा हुए हैं। जो विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षित हो रहे हैं। वे सन् 2025 तक पूर्ण विकसित और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित होकर अपनी सेवाएँ देने के लिए विश्व के समक्ष उपलब्ध होंगे। वे विश्व के सबसे तरुण मानव संसाधन होंगे जिस कारण दुनियाभर में उनकी पूंछ होगी। यही तरुण भारत जब विश्व के विभिन्न देशों की व्यवस्था और विकास परिचालन का सशक्त हस्ताक्षर बनेगा तब उसके साथ हिन्दी भी जायेगी। जब भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनेगा, व्यापार और उत्पादन दोनों ही भारत पर अधिक निर्भर होगा तब वैश्विक मंच पर स्वतः ही हिन्दी महत्वपूर्ण भूमिका का वहन करेगी। इतिहास में इसने भारत को जोड़ा था भविष्य में यह वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगी और विश्वभाषा कहलाएगी।
वैज्ञानिक और पूर्णतः समर्थ भाषा :
वह दिन बीत गए जब हिन्दी को असमर्थ बोलकर उसकी अवमानना की जाती थी, अब वह समर्थ भाषा के रूप में ख्याति प्राप्त है। विश्व की श्रेष्ठ भाषाओं में स्थान पाने वाली अन्य भाषाओं में भी हिन्दी जैसा गुण और तत्व नहीं है। यह एक ऐसी भाषा है जिसका सफर अ अनपढ़ से लेकर ज्ञ ज्ञानी तक परिलक्षित होता है। हमारी देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता तो सर्वमान्य है। देवनागरी में लिखी जाने वाली भाषाएँ उच्चारण पर आधारित हैं। हिन्दी की शाब्दी और आर्थी संरचना प्रयुक्तियों के आधार पर सरल व जटिल दोनों है। हिंदी भाषा का अन्यतम वैशिष्ट्य यह है कि उसमें संस्कृत के उपसर्ग तथा प्रत्ययों के आधार पर शब्द बनाने की अभूतपूर्व क्षमता है। वर्तमान में हिन्दी के पास पच्चीस लाख से ज्यादा शब्दों की सेना है। संसार की अन्यान्य भाषाओं के बहुप्रयुक्त शब्दों को उदारतापूर्वक ग्रहण करने का सामर्थ्य केवल हिन्दी में है।
इस भाषा की वैज्ञानिकता और सुव्यवस्था की छोटी सी झलक प्रस्तुत पंक्तियों से स्पष्ट होती है,
“सुनो क, ख, ग, घ, कंठ से उच्चरा, वहीं त, थ, द, ध दंत के हैं स्वरा,
ट, ठ, ड, ढ़ मूर्धन्य हुआ, य, र, ल, व अंतव्य हुआ, प, फ, ब, भ हैं ओष्ठे…”
संसार की बदलती चिंतनात्मकता तथा नवीन जीवन स्थितियों को व्यंजित करने की भरपूर क्षमता हिंदी भाषा में है, हमें इस दिशा में अब केवल अधिक बौद्धिक तैयारी तथा सुनियोजित विशेषज्ञता के साथ अपने कदम को बढ़ाने की आवश्यकता है।
साहित्य के क्षेत्र में :
भारत मां की गोद में जिसका, भोला बचपन बीता है
तुलसी ने मानस को रचकर, जनमानस को जीता है
सूर, कबीर, मीरा जिसके, थे सब रस के दीवाने
और बिहारी, घनानंद की ये ही मात पुनीता है
साहित्य जगत में हिन्दी की सृजन धारा लगभग बारह सौ सालों (आठवीं शताब्दी से लेकर वर्तमान में इक्कीसवीं शताब्दी) से प्रवाहित हो रही है। उसका काव्य साहित्य तो संस्कृत के बाद विश्व के श्रेष्ठतम साहित्य की क्षमता रखता है। उसमें लिखित उपन्यास एवं समालोचना भी विश्वस्तरीय है। आज हिंदी में विश्व का महत्त्वपूर्ण साहित्य अनुसृजनात्मक लेखन के रूप में उपलब्ध है और उसके साहित्य का उत्तमांश भी विश्व की दूसरी भाषाओं में अनुवाद के माध्यम से जा रहा है। "पद्मावत', "रामचरित मानस' तथा "कामायनी' जैसे महाकाव्य विश्व की किसी भी भाषा में नहीं है।
कबीर, तुलसी,सुर, जायसी, बिहारी, देव, घनानंद, गुरु गोबिंदसिंह, भारतेन्दु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रासद, पन्त, निराला, दिनकर, महादेवी वर्मा, धर्मवीर भारती, अज्ञेय आदि कवियों की रचनायों ने यह सिद्ध कर दिया है हिंदी में अपने भावों और विचारों को अभिव्यक्त करने की अद्भुत और अलौकिक शक्ति है। हमारे साहित्य का आंगन तो मुंशी प्रेमचंद जी की अद्वितीय कृतियों से भरा-पुरा है। वर्तमान समय में हिन्दी का कथा साहित्य भी फ्रेंच, रूसी तथा अंग्रेजी के लगभग समकक्ष है। आज हिंदी साहित्य की विविध विधाओं में जितने रचनाकार सृजन कर रहे हैं उतने तो बहुत सारी भाषाओं के बोलने वाले भी नहीं हैं। केवल संयुक्त राज्य अमेरिका में ही दो सौ से अधिक हिंदी साहित्यकार सक्रिय हैं जिनकी पुस्तकें छप चुकी हैं। समृद्धशाली हिन्दी साहित्य पूरे संसार में सम्मानित हो रहा है।
हिन्दी केवल विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की ही राष्ट्र भाषा नहीं है बल्कि पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, फिजी, मॉरीशस, गुयाना, त्रिनिदाद तथा सुरीनाम जैसे देशों की सम्पर्क भाषा भी है। वह भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों के बीच खाड़ी देशों, मध्य एशियाई देशों, रूस, समूचे यूरोप, कनाडा, अमेरिका तथा मैक्सिको जैसे प्रभावशाली देशों में रागात्मक जुड़ाव तथा विचार-विनिमय का सबल माध्यम है। हिन्दी के विकास रथ में हमें विधि, विज्ञान, वाणिज्य तथा नवीनतम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पाठ-सामग्री का तेजी से निर्माण करना होगा।
आज आवश्यकता है भारतीय जनमानस को अपनी हिन्दी के प्रति जागरूक होने की, उसे गर्व से व्यवहृत करने की। हम अंग्रेजों की दासता से तो मुक्त हो गए अब अंग्रेजी की बारी है। हमारा अँग्रेजी तथा विश्व कि किसी अन्य भाषा से कोई द्वेष नहीं है, हमें उन्हें अवश्य सीखना चाहिए, उनके समृद्ध साहित्य का आस्वादन करना चाहिए, उनमें उपलब्ध तकनीकी ज्ञान के भण्डार को आत्मसात करना चाहिए परन्तु इन सबके बीच अपनी हिन्दी का यथोचित सम्मान भी करना चाहिए।
(लेखिका शुभांगी उपाध्याय, कलकत्ता विश्वविद्यालय में पी.एच.डी. शोधार्थी हैं।)
आलेख
शुभांगी उपाध्याय,
शोध छात्रा कोलकाता
स्वाभिमान के अनन्य शिखर: महाराणा प्रताप
June 17, 2026
पुरुषोत्तम मास: भारतीय विज्ञान और अध्यात्म की समृद्ध परम्परा का संगम
June 01, 2026
बलिदान दिवस : वीर हरिसिंह नलवा
April 30, 2026
सुप्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी, चिन्तक व विचारक : पृथ्वीसिंह आजाद (आज पुण्यतिथि)
March 05, 2026
अंग्रेजों के विरुद्ध परलकोट संग्राम: अमर सेनानी गेंद सिंह का बलिदान
February 17, 2026
11 जून 1897 : सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म
November 27, 2025
समरस, स्वत्व, साँस्कृतिक और सशक्त राष्ट्र स्वरूप के पक्षधर थे सरदार वल्लभ भाई पटेल
October 31, 2025
आषाढ़ी पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाने का रहस्य
July 10, 2025
सोमनाथ मंदिर की लूट और पुजारियों और पचास हजार भक्तों का बलिदान
June 21, 2025
जानिए दानवीर भामाशाह कौन थे
June 20, 2025
अंग्रेजों के विरोध का अलख जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा ||
April 30, 2025
सबसे छोटा युद्ध 97 हजार सैनिकों ने किया था आत्मसमर्पण
April 30, 2025
मराठा साम्राज्य को विस्तार देने वाले सेनानायक बाजीराव पेशवा
April 28, 2024
अस्सी वर्ष की आयु में क्रांति की कमान संभालने वाले बाबू कुंअर सिंह
April 26, 2024
वनवासी युवाओं को संगठित कर सशस्त्र संघर्ष करने वाले तेलंगा खड़िया का बलिदान
April 23, 2024
षड्यंत्रकारी नासिक कलेक्टर को गोली मारने वाले तीन क्रांतिकारी
April 19, 2024
पन्द्रह माह तक क्राँति को जीवन्त रखने वाले क्राँतिकारी तात्या टोपे
April 18, 2024
मंगल पाण्डेय के स्वाभिमान की चिंगारी क्राँति का दावानल बनी
April 08, 2024
स्वाभिमान और आर्य संस्कृति की रक्षा के लिये महाशय राजपाल का बलिदान
April 06, 2024
आर्य और द्रविड़ संस्कृति अलग-अलग नहीं : डॉ. हरिभाऊ वाकणकर
April 03, 2024
क्रांतिकारी पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का बलिदान
March 25, 2024
झालावंश की सात पीढ़ियों ने राष्ट्र के लिये प्राण न्यौछावर किये
March 17, 2024
गदरपार्टी के संस्थापक : क्रान्तिकारी लाला हरदयाल
March 04, 2024
सामाजिक समरसता एवं भक्ति की अनुपम प्रतीक देवी शबरी
March 03, 2024
सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी गोपीनाथ साहा का बलिदान
March 01, 2024
राष्ट्र और समाज को सारा जीवन देने वाले भारत रत्न नाना जी देशमुख
February 27, 2024
जिन्हें दो बार आजीवन कारावास मिला : स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर
February 26, 2024
चित्तौड़ में तीसरा बड़ा जौहर
February 23, 2024
सशस्त्र क्राँति के नायक उय्यलावडा नरसिम्हा रेड्डी
February 22, 2024
स्वतंत्रता के बाद समाज-संस्कृति प्रतिष्ठा का संघर्ष : उद्धवदास जी मेहता
February 20, 2024
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पत्रकार पंडित रामदहिन ओझा का बलिदान
February 18, 2024
क्राँतिकारी पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कुमाऊँ केशरी बद्रीदत्त पांडेय
February 15, 2024
वीर बुधु भगत का बलिदान : अंग्रेजों द्वारा क्रूर सामुहिक नरसंहार
February 13, 2024
अंग्रेजों के विरुद्ध वनवासी संघर्ष के नायक : तिलका मांझी
February 11, 2024
सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी डॉ गया प्रसाद कटियार
February 10, 2024
धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज
February 07, 2024
गीतों की शब्द शक्ति से राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान जागरण की यात्रा
February 06, 2024
उपन्यास और लेखन से स्वत्व जागरण : आचार्य चतुरसेन शास्त्री
February 02, 2024
वैश्विक संस्कृति में श्रीराम एवं रामकथाएं
January 26, 2024
अंग्रेजों एवं ईसाई मिशनरियों के छक्के छुड़ाने वाली क्रांतिकारी रानी गाइदिनल्यू
January 26, 2024
स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी : हेमू कालाणी
January 21, 2024
अंग्रेजों से मुक्ति के लिये छत्तीसगढ़ के परलकोट में सशस्त्र क्राँति
January 20, 2024
भारत के एक प्रकाशमान नक्षत्र महाराणा प्रताप
January 19, 2024
असीरगढ़ के किले पर धोखे से कब्जा किया अकबर ने
January 17, 2024
संघर्ष और बलिदान का ऐसा उदाहरण विश्व के इतिहास में कहीं नहीं : अयोध्या
January 16, 2024
फाँसी से पहले हथौड़े से जिनके दाँत तोड़े, नाखून उखाड़े गये
January 12, 2024
राष्ट्ररक्षा करते हुये दत्ता जी शिन्दे बलिदान
January 10, 2024
भारतीय इतिहास में मुगलों का बड़ा सैन्य समर्पण
January 07, 2024
युवकों को सशस्त्र क्रान्ति का प्रशिक्षण देने वाले क्रांतिकारी बारीन्द्रनाथ घोष
January 05, 2024
जानिए प्राचीन काल गणना का इतिहास
January 01, 2024
प्राण दे दिये पर धर्म न बदला
January 01, 2024
समान नागरिक संहिता और अखंड भारत के समर्थक: श्री के. एम. मुंशी
December 30, 2023
धर्म पर प्राण वार दिये पर इस्लाम न कबूला साहबजादों ने
December 26, 2023
राष्ट्र के स्वत्व और स्वाभिमान की प्रतिष्ठापना के लिये समर्पित जीवन : स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती
December 23, 2023
भव्य होगी अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
December 21, 2023
स्वतंत्रता के लिए बलिदान होने वाले चार क्रांतिकारी
December 19, 2023
बंगाल के अंग्रेज कलेक्टर को गोली मारने वाली बहादूर बालिकाएं
December 14, 2023
क्राँतिकारियों का मिलन केन्द्र था यह आश्रम
December 12, 2023
निर्भीक चिंतक और इतिहासकार वैद्य गुरुदत्त
December 08, 2023
राजनैतिक संघर्ष के साथ स्वाभिमान और सामाजिक जागरण अभियान चलाने वाले काका कालेलकर
December 01, 2023
स्वदेशी और स्वाधीनता आँदोलन को गति देने वालों में अग्रणी विपिन चंद्र पाल
November 07, 2023
काले पानी की सजा काट भगतसिंह राजगुरु जैसे क्राँतिकारी तैयार करने वाले भाई परमानंद
November 04, 2023
संसार का पहला महाकाव्य रचने वाले महर्षि वाल्मीकि
October 28, 2023
तेरह वर्ष की आयु से चला गिरफ्तारी और रिहाई का सिलसिला : क्राँतिकारी मन्मन्थनाथ गुप्त
October 26, 2023
सत्य की स्थापना के लिये शक्ति, शस्त्र और सक्षमता आवश्यक : दशहरा विशेष
October 23, 2023
गौरक्षा के लिये 166 दिन अनशन कर देश में जाग्रति उत्पन्न की : संत रामचंद्र वीर
October 12, 2023
राष्ट्र जागरण और गौरक्षा के लिये समर्पित जीवन : संत प्रभुदत्त ब्रह्मचारी
October 09, 2023
रानी दुर्गावती से युद्घ में मारा गया था शेरशाह सूरी
October 05, 2023
रानी हंसादेवे सहित नौ सौ क्षत्राणियों का जौहर
September 27, 2023
पुरुषार्थ चतुष्टय का व्यावहारिक स्वरुप एकात्म मानव दर्शन
September 25, 2023
अंग्रेजों के मनोरंजन क्लब को बम से उड़ाने वाली महिला क्रांतिकारी
September 24, 2023
भविष्य में वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगी हिंदी
September 21, 2023
गणों के अधिपति गणपति
September 19, 2023
डिप्टी कलेक्टर पद त्यागकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले सेनानी
September 18, 2023
ऐसे क्रांतिकारी जिनका निर्जीव शरीर समुद्र में फेक दिया गया
September 16, 2023
गौरक्षा और सामाजिक समरसता के लिये जीवन समर्पित करने वाले स्वामी ब्रह्मानंद
September 13, 2023
विश्व हितैषी स्वामी विवेकानन्द
September 11, 2023
वीर बालिका मैना देवी का बलिदान
September 03, 2023
अमर शहीदों का चारण राष्ट्र कवि श्रीकृष्ण सरल
September 02, 2023
गांधी युग के महान राजनीतिज्ञ लोकनायक
August 29, 2023
अंग्रेज गवर्नर पर गोली चलाने वाली महिला क्रांतिकारी, जिन्होंने गुमनामी में प्राण त्यागे
August 24, 2023
डायरेक्ट एक्शन का आह्वान : स्वातंत्र्य समर
August 23, 2023
लंदन में अंग्रेज अधिकारी वायली को गोली मारने वाले क्रांतिकारी
August 17, 2023
आँसुओं और रक्त की धारा के बीच भारत विभाजन की त्रासदी
August 14, 2023
औरंगजेब को पराजित कर अपनी शर्तें मनवाने वाले वीर दुर्गादास राठौड़
August 13, 2023
तिरंगे की शान के लिए सीने पर गोली खाने वाले क्रांतिकारी
August 12, 2023
बालकपन में फ़ाँसी चढ़ने वाले क्रांतिकारी : खुदीराम बोस
August 11, 2023
सुप्रसिद्ध झंडा गीत रचने वाले पत्रकार श्याम लाल गुप्त
August 10, 2023
अगस्त क्रान्ति : स्वाधीनता के सूर्योदय के लिये निर्णायक आँदोलन का उद्घोष
August 09, 2023
काकोरी क्रांति के लिए शस्त्र उपलब्ध कराने वाले सेनानी
August 03, 2023
सुविख्यात वेदान्त विभूति श्रीपाद दामोदर सातवलेकर
July 31, 2023
जलियां वाला बाग नरसंहार का लंदन में बदला लेने वाले वीर उधम सिंह
July 30, 2023
स्वदेशी आंदोलन के प्रणेता गणेश वासुदेव जोशी
July 25, 2023
अंग्रेजी शासन की जड़ें हिलाने वाले अद्भुत योद्धा
July 23, 2023
अंग्रेजों की प्रताड़ना से प्राण त्यागने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी : यतीन्द्र मोहन सेनगुप्त
July 22, 2023
भारतीय इतिहास का भयानक नरसंहार : सत्तीचौरा घाट
July 21, 2023
सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी बटुकेश्वर दत्त : पुण्यतिथि विशेष
July 20, 2023
अधिकमास होने के पीछे का आध्यात्म एवं विज्ञान
July 19, 2023
रानी रंगा देवी एवं इतिहास का सबसे बड़ा जौहर
July 09, 2023
नारी जागृति की अग्रदूत लक्ष्मी बाई केलकर
July 06, 2023
आषाढ़ी पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाने का रहस्य
July 03, 2023
जिनके नाम से मनाया जाता है डॉक्टर्स दिवस : डॉ विधान चंद्र राय
July 01, 2023
राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् रचने वाले कालजयी रचनाकार
June 27, 2023
राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिये सर्वोच्च बलिदान
June 23, 2023
पुत्र को हिन्दवी स्वराज के सिंहासन तक पहुंचाने वाली आदर्श माता
June 17, 2023
बलिदानी क्राँतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल
June 11, 2023
कालेपानी में सर्वाधिक प्रताड़ना झेलने वाले क्रान्तिकारी
May 28, 2023
जब सैकड़ों क्षत्राणियों ने अपने बच्चों के साथ किया था अग्नि प्रवेश : 6 मई सन् 1532
May 06, 2023
हिन्दू योद्धा जिसका पूरा जीवन युद्ध में बीता
April 28, 2023
व्यापक और प्रचण्ड अवतार : परशुराम जी
April 22, 2023
आज तीन महान क्राँतिकारियों का बलिदान दिवस
April 19, 2023
स्वाधीनता संग्राम के दो ऐसे वीर जिनकी मृत्यु का कारण विश्वासघाती बने
April 18, 2023
भारत के हर कोने में नरसंहार किये थे अंग्रेजों ने
April 13, 2023
रंगून की जेल में बलिदान देने वाला क्रांतिकारी
April 10, 2023
स्वाभिमान की चिंगारी क्राँति का दावानल बनी
April 08, 2023
भारतीय कालगणना की वैज्ञानिकता : नव वर्ष विशेष
March 21, 2023
वीरांगना अवंती बाई: मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाली अदम्य नारी शक्ति
August 15, 2026
विभाजन विभीषिका दिवस: अखंड भारत में भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने का संकल्प
August 14, 2026
स्वतन्त्रता आन्दोलन और राष्ट्रनिर्माण में सन्त गहिरा गुरु का योगदान
August 14, 2026
क्या हम सच में आजाद हुए हैं?
August 14, 2026
भारत विभाजन की विभीषिका
August 13, 2026
हमारा अमर स्वाधीनता दिवस
August 13, 2026
15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस, स्वच्छंदता दिवस या स्वाधीनता दिवस?
August 13, 2026
हरेली: प्रकृति से जुड़ी हमारी समृद्ध परंपराएं
August 12, 2026
किसानों का पर्व हरियाली (हरेली)
August 12, 2026
हरेली: प्रकृति, कृषि और लोकजीवन का पर्व
August 11, 2026
भारतीय जीवन दर्शन, संयम और चातुर्मास का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व
August 10, 2026
विश्व मूलनिवासी दिवस की अवधारणा और इतिहास
August 09, 2026
बृहदीश्वर मन्दिर: चोलकालीन शिक्षा और ज्ञान का केन्द्र
August 08, 2026
सवनाही: ग्राम देवी देवता की आराधना और ग्राम सुरक्षा की परंपरा
August 07, 2026
शब्द प्रसंग शृंखला: भाग- 01 भाषा एवं शब्दों की व्युत्पत्ति
August 06, 2026
गुजरात के वनांचलों में मनाए जाने वाला लोक पर्व: बन्दी त्योहार
August 05, 2026
स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी: हुतात्मा समशेर सिंह पारधी
August 04, 2026
मधुश्रावणी: मिथिला के गाँवों में जीवित एक गुप्त स्त्री-लोक परंपरा
August 03, 2026
नर और नारायण : एक अनोखी मित्रता
August 01, 2026
मित्रता की लोक परंपराएं
August 01, 2026
वीरांगना अवंती बाई: मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाली अदम्य नारी शक्ति
August 15, 2026
विभाजन विभीषिका दिवस: अखंड भारत में भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने का संकल्प
August 14, 2026
स्वतन्त्रता आन्दोलन और राष्ट्रनिर्माण में सन्त गहिरा गुरु का योगदान
August 14, 2026
क्या हम सच में आजाद हुए हैं?
August 14, 2026
भारत विभाजन की विभीषिका
August 13, 2026
हमारा अमर स्वाधीनता दिवस
August 13, 2026
15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस, स्वच्छंदता दिवस या स्वाधीनता दिवस?
August 13, 2026
हरेली: प्रकृति से जुड़ी हमारी समृद्ध परंपराएं
August 12, 2026
किसानों का पर्व हरियाली (हरेली)
August 12, 2026
हरेली: प्रकृति, कृषि और लोकजीवन का पर्व
August 11, 2026
भारतीय जीवन दर्शन, संयम और चातुर्मास का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व
August 10, 2026
विश्व मूलनिवासी दिवस की अवधारणा और इतिहास
August 09, 2026
बृहदीश्वर मन्दिर: चोलकालीन शिक्षा और ज्ञान का केन्द्र
August 08, 2026
सवनाही: ग्राम देवी देवता की आराधना और ग्राम सुरक्षा की परंपरा
August 07, 2026
शब्द प्रसंग शृंखला: भाग- 01 भाषा एवं शब्दों की व्युत्पत्ति
August 06, 2026
गुजरात के वनांचलों में मनाए जाने वाला लोक पर्व: बन्दी त्योहार
August 05, 2026
स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी: हुतात्मा समशेर सिंह पारधी
August 04, 2026
मधुश्रावणी: मिथिला के गाँवों में जीवित एक गुप्त स्त्री-लोक परंपरा
August 03, 2026
नर और नारायण : एक अनोखी मित्रता
August 01, 2026
मित्रता की लोक परंपराएं
August 01, 2026
This is the commets tab content.
This is the Tags tab content.
Note * Your email address will not be published. Required fields are marked
मातृभाषा, स्वदेशी और नारी-कल्याण: ईश्वर चन्द्र विद्यासागर जी एक युग प्रवर्तक
July 30, 2026