छत्तीसगढ़ के अलिखित साहित्य में रामकथा : वेबीनार रिपोर्ट

ग्लोबल इन्सायक्लोपीडिया ऑफ रामायण उत्तर प्रदेश एवं सेंटर फ़ॉर स्टडी ऑन होलिस्टिक डेवलपमेंट छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में दिनाँक 5/7/2020 को शाम 7:00से 8:30 बजे के मध्य “छत्तीसगढ़ के अलिखित साहित्य में रामकथा” विषयक अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ। जिसमें उद्घाटन उद्बोधन डॉ योगेन्द्र प्रताप सिंह जी, संचालक अयोध्या शोध …

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भगवा ध्वज को गुरु का दर्जा : गुरु पूर्णिमा विशेष

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भगवा ध्वज को अपना गुरू माना है तथा गुरू पूर्णिमा के अवसर पर देश भर में गुरू दक्षिणाओं के कार्यक्रम होते हैं। प्रश्न यह है कि संघ ने भगवा धवज को ही अपना गुरू क्यों माना है? गुरु दक्षिणा संघ की प्रत्येक शाखा ‘व्यास पूर्णिमा’/ गुरू …

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छत्तीसगढ़ी लोक-संस्कृति में हाना

वाचिक परम्पराएं सभी संस्कृतियों का एक महत्वपूर्ण अंग होती हैं। लिखित भाषा का प्रयोग न करने वाले लोक समुदाय में संस्कृति का ढांचा अधिकतर मौखिक परम्परा पर आधारित होता है। कथा, गाथा, गीत, भजन, नाटिका, प्रहसन, मुहावरा, लोकोक्ति, मंत्र आदि रूपों में मौखिक साधनों द्वारा परम्परा का संचार ही वाचिक …

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बस्तर की प्राचीन सामाजिक परम्परा : पारद

बस्तर की हल्बी बोली का शब्द है “पारद”। इसका शाब्दिक अर्थ  होता है। गोण्डी बोली में इसे “वेट्टा” कहते है।  को हिन्दी, हल्बी, गोण्डी में खेल कहकर प्रयुक्त किया जाता है। इसे हिन्दी में खेलना, हल्बी में पारद खेलतो तथा गोण्डी में “कोटुम वली दायना” कहते है। जिसका अर्थ पारद …

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दक्षिण कोसल में रामायण का प्रभाव : वेब संगोष्ठी सम्पन्न

ग्लोबल इन्सायक्लोपीडिया ऑफ रामायण छत्तीसगढ़ एवं सेंटर फ़ॉर स्टडी ऑन होलिस्टिक डेवलपमेंट के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार की श्रृंखला में दिनाँक 28/06/2020 को शाम 7:00 से 8:30 बजे के मध्य में एक कड़ी और जुड़ गई। इस वेबिनार का विषय “दक्षिण कोसल में रामायण का प्रभाव” था। उदघाटन संबोधन …

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महिला सशक्तिकरण की मिसाल वीरांगना रानी दुर्गावती : बलिदान दिवस

‘‘यत्र नार्यस्तु पूजयंते, रमंते तत्र देवता,‘‘ अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है वहाँ देवताओं का वास होता है। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्थान दिया गया है। देश में माँ दुर्गा को शक्ति की देवी, लक्ष्मी को धन की देवी, सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी …

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छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रामकथा की व्याप्ति : वेबीनार रिपोर्ट

रामायण के इनसायक्लोपीडिया निर्माण को लेकर दिनांक 21/6 /2020 को शाम 5:00 से 6:30 तक “छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रामकथा की व्याप्ति” नामक अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देश-विदेश से लगभग 109 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी वेबीनार का आयोजन सेंटर फॉर स्टडी हॉलिस्टिक …

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भगवान जगन्नाथ मंदिर और भव्य रथयात्रा

ओडिशा राज्य के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित जगन्नाथ मंदिर हिन्दुओं का प्राचीन एवं प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। हिन्दुओं की धार्मिक आस्था एवं कामना रहती है जीवन में एक बार भगवान जगन्नाथ के दर्शन अवश्य करें क्योंकि इसे चार धामों में से एक माना जाता है। वैष्णव परम्परा का यह मंदिर …

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स्वास्थ्य के लिए महाऔषधि है योग : विश्व योग दिवस

मानव जीवन का प्रमुख लक्ष्य समस्त दुखों, क्लेशों, वासनाओं और अतृप्ति से मुक्त होकर सच्चे सुख-शांति और आनंद को प्राप्त करना है। वैसे तो इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए समस्त विवेकवान मनुष्य अपनी रुचि, बुद्धि व क्षमता के अनुसार विभिन्न साधनों का सहारा लेते हैं। ऋषि-मुनियों ने नियमित …

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राष्ट्र भक्ति, वीरता तथा आत्मसम्मान का प्रतीक रानी लक्ष्मी बाई

महारानी लक्ष्मी बाई बलिदान दिवस विशेष नारी सिर्फ़ कोमलांगी, त्याग या करुणा की मूर्ति ही नहीं है, इसके द्वारा किये पुरुषोचित कार्यों से इतिहास भरा पड़ा है। शक्ति एवं सुंदरता का संयोजन ईश्वर ने नारी को ही दिया। युद्ध स्थल में नारी की बहादूरी के सामने बड़े-बड़े शूरमा दांतों तले …

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